राष्ट्रीय न्यास

राष्ट्रीय न्यास स्वपरायणता, प्रमस्तिष्कघात, मानसिक मंदता और बहु-विकलांगताग्रसित व्यक्तियों के कल्याण के लिए

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बढ़ते कदम
(जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता)

योजना डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

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उद्देश्य

बढ़ते कदम का लक्ष्य दिव्यांगजनों के प्रति समुदाय को जागरूक करना, उनमें चेतना लाना, दिव्यांगजनों को समाज में एकीकृत करके उनको समाज की मुख्य धारा में लाना है। इसके उद्देश्य निम्नवत हैं-

राष्ट्रीय न्यास अधिनियम में समाहित दिव्यांगजनों के प्रति जनसामान्य की जागरूकता बढ़ाना और समाज में दिव्यांगजनों के समावेशन, सामाजिक एकीकरण तथा जीवन के सभी क्रिया-कलापों में उनकी प्रतिभागिता को प्रोत्साहित करना।

राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 में विहित विकलांगताओं के निवारण से संबंधित रणनीतियों के विषय में सूचना का प्रचार-प्रसार

  1. समुदाय के हितधारकों को जागरूक करना
  2. राष्ट्रीय न्यास की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना और पंजीकृत संस्थाओं, दिव्यांगजनों तथा उनके परिवारों को उनका अधिक से अधिक लाभ दिलाना
  3. दूर-दराज के क्षेत्रों और राष्ट्रीय न्यास के प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व में वृद्धि करना
  4. विकलांगता के संबंध में प्रचलित मिथकों और मिथ्या धारणाओं, विकलांगता संबंधी शिष्टाचार आदि के बारे में जागरूकता फैलाना

योजना का विवरण

यह योजना राष्ट्रीय न्यास की पंजीकृत संस्था को ऐसी गतिविधियाँ संचालित करने में सहायता करेगी, जो राष्ट्रीय न्यास अधिनियम में विहित विकलांगताओं के बारे में जागरूकता फैलाती हैं।

I. लक्ष्य श्रोता

योजना के लक्ष्य श्रोता निम्नलिखित हैं:

  • जनसामान्य और समाज
  • पारितंत्र
    • सरकारी पदाधिकारी (इनमें जन-प्रतिनिधि जैसे पंचायत सदस्य, सरपंच, विधायक, सांसद आदि शामिल हैं)
    • चिकित्सा-जगत
    • विधिक प्रोफेशनल
    • बैंक/वित्तीय संस्थाएं
    • शैक्षिक संस्थाएं, विद्यार्थी, अध्यापक आदि
  • दिव्यांगजनों के परिवार/अभिभावक
  • जिन क्षेत्रों में राष्ट्रीय न्यास का प्रतिनिधित्व नहीं है, वहाँ के एनजीओ और जन-सामान्य

II. जागरूकता एवं अन्य गतिविधियाँ

राष्ट्रीय न्यास उन विकलांगताओं के संबंध में पंजीकृत संस्था द्वारा संचालित जागरूकता कार्यक्रमों एवं अन्य गतिविधियाँ के लिए धन-राशि प्रदान करता है, जो राष्ट्रीय न्यास अधिनियम में समाहित हैं। 

पंजीकृत संस्था जो गतिविधियाँ संचालित कर सकती है, उनकी विस्तृत सूची नीचे दी गई है। पंजीकृत संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे बढ़ते कदम के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित तालिका में उल्लिखित जागरूकता संबंधी गतिविधियाँ संचालित करें। ये पंजीकृत संस्था द्वारा संचालन-योग्य अभियानों की सांकेतिक सूची मात्र हैं और जागरूकता फैलाने के लिए पंजीकृत संस्था नवोन्मेषी तरीके अपनाने के बारे में सोच सकती है।

क्रम सं. श्रेणी गतिविधि
  1.  
सरकार के सहयोग से
  • अन्य मंत्रालयों, सरकारी विभागों तथा संगठनों द्वारा राष्ट्रीय, राज्य, जिला, ब्लॉक अथवा पंचायत स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों में सहयोग और सूचना का प्रचार-प्रसार, जैसे,
    • स्वास्थ्य मंत्रालय (पोलियो अभियान, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, आँगनवाड़ी और आशा कार्यकर्त्ता, अंधता नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्टरोग उपचार कार्यक्रम, विकलांगता प्रमाणपत्र जारी करने के लिए शिविर आदि)
    • शिक्षा मंत्रालय (सर्वशिक्षा अभियान आदि)
    • ग्रामीण विकास मंत्रालय (मनरेगा, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) आदि से सहयोग)
    • सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय
    • श्रम मंत्रालय (व्यावसायिक पुनर्वास केन्द्र (वीआरसी), विशेष रोजगार कार्यालय, विशेष कक्ष आदि)
    • कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
  • मौजूदा मुख्य सम्मेलनों, बैठकों, मेलों, प्रदर्शनियों एवं अन्य कार्यक्रमों में सहयोग
  • संबंधित विभागों एवं संस्थाओं (स्कूल, कॉलेज, बैंक, परिवहन, अस्पताल आदि) को प्रेषित किए जानेवाले परिपत्र
  • शैक्षिक, वित्तीय एवं चिकित्सा संस्थाओं (विशेषकर फीजियोथेरेपिस्टों, बाल-रोग विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों और मनोचिकित्सकों) के मध्य दस्ती पर्चे, पोस्टर, फ्लायर, पैम्फ्लेट अथवा लीफलेट**
  1.  
निजी निकायों के सहयोग से   निम्नलिखित के लिए निगमित संस्थाओं तथा स्वैच्छिक संगठनों के साथ सहयोग
  • कार्यक्रमों का आयोजन अथवा उनमें प्रतिभागिता
  • निजी कंपनियों अथवा संस्थाओं में प्रस्तुतीकरण देना या कार्यशालाएं करना (दिव्यांगजनों के विषय में डॉक्युमेंटरी अथवा फिल्में भी बनाई और दिखाई जा सकती हैं)
  • दिव्यांग व्यक्तियों के लिए मेक अ डिफरेन्स (मैड), चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राइ)- जैसी संस्थाओं के साथ विशेष सत्रों का आयोजन **
  • शैक्षिक, वित्तीय एवं चिकित्सा संस्थाओं ((विशेषकर फीजियोथेरेपिस्टों, बाल-रोग विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों और मनोचिकित्सकों) के मध्य हैंडआउट्स पोस्टर, फ्लायर, पैम्फ्लेट अथवा लीफलेट**
3 संचार माध्यमों संबंधी
  • सामाजिक संचार माध्यम अभियान
  • संचार माध्यम अभियान- मुद्रित, टेलीविज़न, रेडियो, सिनेमा, इंटरनेट आधारित (ईमेलर आदि)
4 आईसीटी-सक्षम पहलकदमियाँ
  • सूचना का प्रसार वेबसाइट के ज़रिए हो सकता है
  • दिव्यांगजनों, पंजीकृत संस्थाओं तथा परिवारों को व्यापक एसएमएस, ताकि उन्हें नई योजनाओं की जानकारी और अन्य आवश्यक सूचनाएं दी जा सकें
  • विकलांगतानुसार प्रशिक्षण एवं वेबसाइट अथवा मोबाइल ऐप्स के माध्यम से अथवा सामाजिक मीडिया के जरिए जागरूकता संबंधी वीडियो का माता-पिता एवं अभिभावकों तथा जन-सामान्य के मध्यम वितरण
5 स्थानीकृत पहलकदमियाँ
  • स्थानीय कार्यक्रमों जैसे मेलों, प्रदर्शनियों, रोड शो, नुक्कड़ नाटकों आदि के ज़रिए  संचालित अभियानों में प्रतिभागिता **
    • सरकारी पदाधिकारी
    • चिकित्सा-जगत
    • विधिक प्रोफेशनल
    • बैंक/वित्तीय संस्थाएँ      
    • शैक्षिक संस्थाएं, अध्यापक आदि
  • सामाजिक समावेशन कार्यक्रम, जैसे क्रिकेट मैच, चित्रकारी प्रतियोगिता, कला-प्रदर्शनी आदि का आयोजन **
  • छात्रों को दिव्यांगजनों के बारे में जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य शैक्षिक संस्थाओं में सत्रों का संचालन**

**इनमें से अधिकतर गतिविधियां पंजीकृत संस्थाओं द्वारा स्वयं अपने प्रयासों से संचालित की जाएंगी और इन्हें निजी निकायों अथवा निगमों द्वारा प्रायोजित किया जा सकता है। किन्तु इनमें से कुछ गतिविधियों के लिए पंजीकृत संस्था को धन व्यय करना पड़ेगा। जिन गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय न्यास द्वारा धन-राशि दी जाएगी, वे निधीयन पद्धति खंड में उल्लिखित हैं।

राष्ट्रीय न्यास द्वारा बढ़ते कदम के अंतर्गत केवल उन कार्यक्रमों के लिए धन-राशि दी जाएगी, जिनके लिए राष्ट्रीय न्यास द्वारा किसी अन्य योजना में धन-राशि न दी गई हो। पंजीकृत संस्था अन्य संस्थाओं द्वारा प्रायोजित व्यय के लिए धन-राशि का दावा नहीं कर सकती।  एसएनएसी/एलएलसी/राष्ट्रीय न्यास/सरकार (समाज कल्याण)/डीसी/डीएम को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

III. सहायता प्रदान किए जानेवाले कार्यक्रमों की संख्या

राष्ट्रीय न्यास प्रत्येक पंजीकृत संस्था के लिए प्रति वर्ष अधिकतम 4 कार्यक्रम प्रायोजित करेगा। प्रत्येक पंजीकृत संस्था को हर वर्ष (समुदाय, शैक्षिक संस्थानों अथवा चिकित्सा संस्थानों के लिए) कम से कम 1 कार्यक्रम अवश्य आयोजित करना चाहिए।

राष्ट्रीय न्यास के सभी एसएनएसी से अपेक्षित है कि वे बढ़ते कदम योजना में प्रतिभागिता करें।

IV. कार्यक्रमों की प्रतिसूचना

पंजीकृत संस्था को कार्यक्रमों में भाग ले रहे लोगों से समुचित रूप से तैयार किए गए प्ररूपों के ज़रिए प्रतिसूचना भी लेनी चाहिए, ताकि कार्यक्रम की प्रभावोत्पादकता का पता लगाया जा सके और भविष्य के कार्यक्रमों में तदनुसार सुधार लाए जा सकें। कार्यक्रमों की प्रतिसूचना को राष्ट्रीय न्यास के साथ भी साझा किया जाएगा। अभियान के दौरान पंजीकृत संस्था केएपी (नॉलेज ऐटीच्यूड एंड प्रैक्टिस) अध्ययन भी आयोजित कर सकती है, ताकि चार प्रकार की विकलांगताओं, राष्ट्रीय न्यास की योजनाओं, दिव्यांगजनों के अधिकारों, विकलांगता संबंधी भ्रान्तियों आदि के बारे में प्रतिभागियों के ज्ञान का पता चल सके।

निधीयन पद्धति

राष्ट्रीय न्यास जागरूकता संबंधी गतिविधियों पर पंजीकृत संस्था द्वारा खर्च की गई राशि की प्रतिपूर्ति करेगा। राष्ट्रीय न्यास निम्नलिखित गतिविधियों के अनुरूप धन-राशि प्रदान करेगा। यदि गतिविधियाँ सूची में शामिल न हों तो राष्ट्रीय न्यास पंजीकृत संस्था द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के मूल्यांकन के पश्चात् धन-राशि का संवितरण करेगा।

उपर्युक्त प्रत्येक शीर्ष के अंतर्गत आवंटित धन-राशि निम्नवत हैः

क्रम सं. निधिकृत शीर्ष राशि (भारतीय रुपये में) धन-राशि संवितरण की आवृत्ति
I. हैंड आउट, पोस्टर, फ्लायर, पैम्फ्लेट, लीफलेट आदि का शैक्षिक, वित्तीय एवं चिकित्सा संस्थाओं (विशेषकर फीजियोथेरेपिस्टों, मनोवैज्ञानिकों तथा मनोचिकित्सकों के क्लीनिकों ) में वितरण वास्तविक आधार पर, अधिकतम सीमा भारतीय रु. 20,000/- कम से कम 2000 पैम्फ्लेट आदि के मुद्रण और वितरण हेतु गतिविधि के संपन्न होने के पश्चात् एक बार  

II.

दिव्यांग जनों के लिए स्वैच्छिक संगठनों जैसे मेक अ डिफरेन्स (मैड), चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राइ) आदि के साथ विशेष सत्रों का आयोजन प्रत्येक कार्यक्रम की न्यूनतम अवधि कम से कम एक पूरा दिन होनी चाहिए वास्तविक आधार पर, अधिकतम सीमा भारतीय रु. 15,000/- कम से कम 20 दिव्यांगजनों के सत्र में भाग लेने के लिए गतिविधि के संपन्न होने के पश्चात् एक बार
III. रोड-शो का आयोजन   प्रत्येक कार्यक्रम की अवधि कम से कम एक पूर्ण दिवस होनी चाहिए वास्तविक आधार पर, अधिकतम सीमा भारतीय रु. 13,000/- प्रति दिन   लगभग 40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र कवर करने के लिए एक बार, गतिविधि के संपन्न होने पर
IV. निम्नलिखित समूहों के मध्य जागरूकता फैलाने के लिए कार्य-शालाओं का आयोजन:
  1. सरकारी पदाधिकारी
  2. चिकित्सा जगत
  3. विधिक प्रोफेशनल
  4. बैंक/वित्तीय संस्थाएं
  5. शैक्षिक संस्थान, शिक्षक आदि
प्रत्येक कार्यक्रम की अवधि न्यूनतम एक पूर्ण दिवस होनी चाहिए
वास्तविक आधार पर, अधिकतम सीमा भारतीय रु. 17,000/- कम से कम 30 व्यक्तियों के सत्र में भाग लेने के लिए (पंजीकृत संस्था के अलावा) एक बार, गतिविधि के संपन्न होने पर
V. सामाजिक समावेशन कार्यक्रमों जैसे क्रिकेट मैच, चित्रकला प्रतियोगिता, कला प्रदर्शनी आदि का आयोजन प्रत्येक कार्यक्रम की न्यूनतम अवधि कम से कम एक पूर्ण दिवस हो वास्तविक आधार पर, अधिकतम सीमा भारतीय रु. 16,000/-   कम से कम 10 दिव्यांगजनों के कार्यक्रम में भाग लेने हेतु एक बार, गतिविधि के संपन्न होने पर
VI. छात्रों को दिव्यांगजनों के बारे में जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य शैक्षिक संस्थाओं में सत्रों का आयोजन वास्तविक आधार पर, अधिकतम सीमा भारतीय रु. 8,000/-   कम से कम 100 विद्यार्थियों के सत्र में भाग लेने के लिए एक बार, गतिविधि के संपन्न होने पर

पात्रता मानदंड

इस खंड में बढ़ते कदम के लिए आवेदन हेतु पंजीकृत संस्था के पात्रता मानदंड विनिर्दिष्ट हैं

पंजीकृत संस्था हेतु पात्रता मानदंड

बढ़ते कदम के लिए नामांकन हेतु पंजीकृत संस्था को निम्नलिखित पात्रता मानदंडों का पालन करना चाहिए:

क्रम सं. पात्रता मानदंड अपेक्षित दस्तावेज़
1. अऩुरोधकर्ता संगठन को राष्ट्रीय न्यास में पंजीकृत होना चाहिए राष्ट्रीय न्यास का पंजीकरण प्रमाण/ प्रमाणपत्र
2. योजना नामांकन फॉर्म प्रस्तुत करने की तारीख में एनजीओ को राष्ट्रीय न्यास/ किसी अन्य सरकारी संगठन द्वारा ब्लैकलिस्ट नहीं किया होना चाहिए पंजीकृत संस्था द्वारा घोषणा
3. योजना नामांकन फॉर्म प्रस्तुत करने की तारीख में पंजीकृत संस्था को पीडब्ल्यूडी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत होना चाहिए पीबीडब्ल्यूडी पंजीकरण का प्रमाण/ प्रमाणपत्र

प्रक्रियाएँ

इस खंड में उन प्रक्रियाओं का वर्णन है, जिनका पालन बढ़ते कदम के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित उद्देश्यों हेतु किया जाना चाहिए:

  1. बढ़ते कदम योजना के अंतर्गत पंजीकृत संस्था का नामांकन
  2. सभी गतिविधियों के लिए धन-राशि का संवितरण
  3. राष्ट्रीय न्यास द्वारा बढ़ते कदम गतिविधियों की रिपोर्टिंग और निगरानी 

निम्नलिखित चित्र में बढ़ते कदम का सम्पूर्ण प्रक्रिया-प्रवाह दर्शाया गया है:

पंजीकृत संस्था नामांकन (प्रथम अनुमोदन) प्रक्रिया

पंजीकृत संस्था नामांकन प्रक्रिया में उन चरणों का उल्लेख है जिनका वार्षिक आधार पर बढ़ते कदम योजना में नामांकन के लिए पालन किया जाना है। साथ ही, इसमें प्रत्येक चरण में अपेक्षित सूचनाओं एवं दस्तावेज़ों तथा जहाँ लागू हो, वहाँ उनके प्रस्तुतीकरण की समय-सीमा का भी उल्लेख है।  

चरण 1. राष्ट्रीय न्यास में पंजीकृत एनजीओ राष्ट्रीय न्यास की वेबसाइट में लॉगइन करे।

चरण 2. आवेदन फॉर्म राष्ट्रीय न्यास की वेबसाइट पर उपलब्ध है और इसे ऑऩलाइन ही प्रस्तुत किया जाना है। बढ़ते कदम योजना में नामांकन का पंजीकरण शुल्क भारतीय रु. 1000/- है।

आवेदन फॉर्म के ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण के चरण

  • बढ़ते कदम आवेदन फॉर्म ऑनलाइन भरें और अपेक्षित दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें *
  • विधिवत भरा गया फॉर्म राष्ट्रीय न्यास के पोर्टल पर प्रस्तुत करें
  • आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें
  • भरे गए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट और तत्संबंधी दस्तावेज 20 दिन के भीतर राष्ट्रीय न्यास को भेजें।

टिप्पणीः बिना आवेदन शुल्क के प्राप्त हुए दस्तावेज़ों पर विचार नहीं किया जाएगा।

*नामांकन के उद्देश्य से पंजीकृत संस्था को निम्नलिखित दस्तावेज़ प्रस्तुत/अपलोड करने होंगेः

1. पात्रता मानदंड पूरा करने संबंधी दस्तावेज़

2. घोषणा, जिसमें पंजीकृत संस्था की वर्तमान गतिविधियों का वर्णन हो:

क. वर्तमान सुविधाएँ एवं मूलभूत संरचना

ख. पंजीकृत संस्था में कार्यरत वर्तमान स्टाफ के बारे में सूचना

ग. पंजीकृत संस्था की वर्तमान गतिविधियाँ

घ. विगत 2 वर्षों के दौरान संचालित जागरूकता गतिविधियों का विवरण

चरण 1. आवेदन फॉर्म और दस्तावेज़ों के राष्ट्रीय न्यास में प्राप्त होने के बाद उनका सत्यापन किया जाएगा।

चरण 2.  सभी आवश्यक औपचारिकताओं और प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद आवेदन/ प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि पंजीकृत संस्था योजना के मानदंडों व अपेक्षाओं को पूरी करती है तो आवेदन अनुमोदित किया जाएगा। यदि कोई विसंगति हो तो पंजीकृत संस्था को प्राप्ति-बिन्दु के 10 दिन के भीतर उससे अवगत कराया जाएगा। छूट गई सूचना के प्रस्तुतीकरण के लिए पंजीकृत संस्था को 15 दिन का समय दिया जाएगा।

चरण 3.  राष्ट्रीय न्यास द्वारा पंजीकृत संस्था को प्राप्ति बिन्दु से 30 दिन के भीतर सूचना प्रेषित की जाएगी। प्राप्ति बिन्दु वह तारीख व समय है जब ऑनलाइन आवेदन सभी अपेक्षित दस्तावेज़ों के साथ प्रस्तुत किया गया था।

चरण 4.  नामांकन पूरा होने पर पंजीकृत संस्था के लिए योजना की पहचान संख्या सृजित की जाएगी और तत्संबंधी पुष्टि पंजीकृत संस्था को प्रेषित की जाएगी।

चरण 5.  राष्ट्रीय न्यास द्वारा पंजीकृत संस्था को एक स्टार्टर किट/बढ़ते कदम हैंडबुक भी दी जाएगी, जिसमें बढ़ते कदम के पूरे विवरण दिए गए हैं।

धन-राशि संवितरण प्रक्रिया

बढ़ते कदम की गतिविधियों के लिए धन-राशि का संवितरण पूर्व उल्लिखित तरीके से होगा। इस खंड में हमने सभी गतिविधियों के लिए धन-राशि संवितरण की प्रक्रियाओं को सूचीबद्ध किया है।

कृपया ध्यान दें कि प्रत्येक पंजीकृत संस्था को राष्ट्रीय न्यास से बढ़ते कदम के अंतर्गत प्राप्त धन-राशि का अलग लेखा-जोखा एक उपयुक्त लेजर में रखना होगा, जिसमें प्राप्त राशि, खर्च की गई राशि और हाथ में शेष राशि स्पष्ट रूप से अंकित हो।

प्रत्येक गतिविधि के लिए धन-राशि संवितरण

यह प्रक्रिया पंजीकृत संस्थाओं द्वारा तब आरंभ की जाएगीै, जब वे राष्ट्रीय न्यास अधिनियम में समाहित दिव्यांगजनों के लिए संचालित किसी जागरूकता गतिविधि के संचालन पर व्यय हुई राशि की प्रतिपूर्ति चाहती हैं। धन-राशि का संवितरण वास्तविक आधार पर किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा निधीयन पद्धति खंड में विनिर्दिष्ट है। धन-राशि का अंतरण पंजीकृत संस्था से राष्ट्रीय न्यास को प्रस्ताव प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर कर दिया जाएगा।

चरण 1. पंजीकृत संस्था द्वारा निम्नलिखित रूप में प्रस्ताव और तत्संबंधी दस्तावेज़/सूचनाएं प्रस्तुत करते हुए धन-राशि के संवितरण की प्रक्रिया आरंभ की जानी चाहिए

धन-राशि के संवितरण के लिए प्रस्तुत किए जानेवाले दस्तावेज़/सूचनाएँ

क. पंजीकृत संस्था की योजना-पहचान संख्या

ख. संचालित गतिविधियों के विवरण

  • संचालित किए जानेवाले कार्यक्रम (तारीख, स्थान, उद्देश्य, अवधि)
  • लक्ष्य श्रोता एवं लक्ष्य स्थान
  • भाग लेनेवाले व्यक्तियों की संख्या

ग. प्रस्तावित वक्ताओं/लगाए जानेवाले स्टाफ तथा उनकी योग्यता संबंधी विवरण

ध. किए गए व्यय का प्रमाण

ड. एसएनएसी/एलएलसी/एनटी अधिकारियों/तहसीलदार/सरकारी अधिकारियों (समाज कल्याण अधिकारी)/ डीसी/डीएम कार्यालय के अधिकारियों का इस आशय का सत्यापन पत्र कि वे कार्यक्रम में शामिल थे

च. आयोजित की गई प्रत्येक गतिविधि का प्रमाण, जैसे फोटोग्राफ, वीडियो आदि

कार्यक्रम में एसएनएसी/एलएलसी/एनटी अधिकारियों/तहसीलदार/सरकारी अधिकारियों (समाज कल्याण अधिकारी)/ डीसी/डीएम कार्यालय के अधिकारियों को भाग लेना चाहिए।

चरण 1. राष्ट्रीय न्यास के योजना-प्रभारी द्वारा दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाएगा। नीचे वर्णित गतिविधि अथवा राष्ट्रीय न्यास द्वारा प्रस्ताव के मूल्यांकन के अनुसार (यदि गतिविधि निम्नलिखित सूची में शामिल न हो) राशि संवितरित की जाएगी।

चरण 2. आवेदन मिलने के 15 दिन के भीतर प्रस्ताव अनुमोदित किया जाए और धन-राशि अन्तरित की जाए, अथवा प्रस्ताव अस्वीकृत करके इसकी सूचना पंजीकृत संस्था को दी जाए।

चरण 3. राष्ट्रीय न्यास का योजना-प्रभारी अपने आंतरिक वित्त विभाग को निर्देश जारी करेगा।

चरण 3. राष्ट्रीय न्यास का आंतरिक वित्त विभाग एनईएफटी अथवा आरटीजीएस के माध्यम से पंजीकृत संस्था को धन-राशि अंतरित करेगा।

चरण 4. योजना-प्रभारी को संव्यवहार की पुष्टि भेजी जाएगी।

चरण 5. योजना-प्रभारी द्वारा संबंधित पंजीकृत संस्था को संव्यवहार की पुष्टि भेजी जाएगी।

चरण 6. राष्ट्रीय न्यास का आंतरिक वित्त विभाग धन-राशि के अंतरण के ब्यौरों के रिकॉर्ड रखेगा।

चरण 7. यदि धन-राशि विनिर्दिष्ट समय-सीमा में संवितरित नहीं की जाती हैं तो पंजीकृत संस्था वेबसाइट के माध्यम से अथवा संबंधित अधिकारी को उसके कार्यालय के फोन नंबर पर फोन करके एस्केलेशन मैट्रिक्स के अनुसार मामले को आगे बढ़ा सकती है।

निगरानी प्रणाली

बढ़ते कदम योजना की निगरानी वार्षिक आधार पर मार्च में की जाएगी। बढ़ते कदम योजना ले रही पंजीकृत संस्थाओं को प्रति वर्ष मार्च में बढ़ते कदम कार्रवाई डॉकेट प्रस्तुत करना चाहिए।

क) पंजीकृत संस्थाओं से अपेक्षित है कि वे उपर्युक्त दस्तावेज़ राष्ट्रीय न्यास को समय से प्रस्तुत करें। डॉकेट प्रस्तुत करने के लिए कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात् अधिकतम 30 दिन की समय-सीमा दी जाएगी।

ख) रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण में विफलता की स्थिति में राष्ट्रीय न्यास 20 दिन, 10 दिन और 5 दिन के अंतराल पर (अधिकतम 3 बार) पंजीकृत संस्था को अनुस्मारक भेजेगा।

ग) ऐसी परिस्थिति में जब तक राष्ट्रीय न्यास को दस्तावेज़ प्राप्त नहीं हो जाते, तब तक के लिए धन-राशि संवितरण पर रोक लगा दी जाएगी। 3 बार लगातार विफल रहने पर आगे की कार्रवाई के निर्धारण के लिए मामला संयुक्त सचिव एवं मंजूरी-समिति के संज्ञान में लाया जाएगा।

घ) जिस मामले में पंजीकृत संस्था 3 चेतावनियों से पहले दस्तावेज़ राष्ट्रीय न्यास को भेज देगी, उनमें आवधिक चक्र की धन-राशि और रोकी गई धन-राशि का संवितरण किया जाएगा।

ङ) बढ़ते कदम कार्रवाई डॉकेट प्राप्त होने के बाद राष्ट्रीय न्यास में दस्तावेज़ों का विश्लेषण और सत्यापन किया जाएगा।

च) राष्ट्रीय न्यास से भी अपेक्षित है कि वह प्रस्तावित कार्य-योजना के लिए सहायता और सुझाव दे।

कार्यनिष्पादन के प्रमुख सूचक

बढ़ते कदम योजना की निगरानी प्रणाली कार्यनिष्पादन के प्रमुख सूचकों पर आधारित है। यदि बढ़ते कदम गतिविधियाँ केपीआई-लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर रही हों, तो राष्ट्रीय न्यास उनका पथ-प्रदर्शक बनकर उन्हें सही दिशा दिखा सकता है।

बढ़ते कदम योजना के केपीआई और तत्संबंधी लक्ष्य नीचे दिए गए हैं:

केपीआई का नाम केपीआई वेटेज केपीआई विवरण लक्ष्य अपेक्षित दस्तावेज़
1. 40% पंजीकृत संस्था द्वारा वर्ष के दौरान संपन्न जागरूकता गतिविधियों की संख्या प्रत्येक पंजीकृत संस्था को वर्ष में कम से कम 1 जागरूकता गतिविधि आयोजित करनी चाहिए (जो समुदाय, चिकित्सा संस्था अथवा शैक्षिक संस्थान से संबंधित हो) और प्रत्येक एसएनएसी को एक वर्ष में कम से कम 3 गतिविधियाँ पूरी करनी चाहिए (समुदाय, चिकित्सा संस्थान तथा शैक्षिक संस्थान, तीनों की एक-एक)
  • गतिविधि के विवरण, फोटोग्राफ के साथ
2. 40% पंजीकृत संस्था द्वारा संचालित गतिविधियों से समाज में अथवा दिव्यांगजनों के जीवन में आए परिवर्तन  
  • इस संबंध में पंजीकृत संस्था द्वारा लगभग 300 शब्दों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए
3. 20% सभी कार्यक्रमों के श्रोताओं से प्रतिसूचना एकत्र की जानी चाहिए कम से कम 30 प्रतिभागियों से सूचना एकत्र करके राष्ट्रीय न्यास से साझा की जानी चाहिए
  • प्रतिभागियों द्वारा भरा गया प्रतिसूचना दस्तावेज़

बढ़ते कदम योजना के अंतर्गत नामांकित पंजीकृत संस्था से अपेक्षित है कि वह कम से कम 50% केपीआई प्राप्त करे। यदि पंजीकृत संस्था इस लक्ष्य को प्राप्त करने में विफल रहती है तो राष्ट्रीय निधि को अगले वर्ष प्रदान की जानेवाली निधि पर पुनर्विचार करने का अधिकार है, बशर्ते पंजीकृत संस्था इस संबंध में समुचित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे।

शिकायत निवारण

यदि पंजीकृत संस्था को योजना के संबंध में कोई समस्या हो तो वेबसाइट में लॉगइन करके शिकायत समाधान सिस्टम में उक्त समस्या को दर्ज़ कर सकती है या राष्ट्रीय न्यास के संबंधित अधिकारी या मुख्य कार्यकारी अधिकारी से कार्यालय के फोन नंबर पर संपर्क कर सकती है।

एस्केलेशन मैट्रिक्स

यदि कभी राष्ट्रीय न्यास द्वारा इस दस्तावेज में उल्लिखित समय-सीमा का अतिक्रमण हो तो पंजीकृत संस्था उसे राष्ट्रीय न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के संज्ञान में ला सकते हैं। यदि राष्ट्रीय न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मामले का एक समुचित समय-सीमा में समाधान नहीं देते तो पंजीकृत संस्था मामले को राष्ट्रीय न्यास के निदेशक-मंडल के अध्यक्ष के साथ उठा सकते हैं।

अंतिम नवीनीकृत: 31-12-2019

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